बहुत दिन हो गये .....
जब करते थे यारो के बीच ठिठोली ,
वो वक्त गुजरे बहुत दिन हो गये !
किसी अपने को तलाश करते हुए ,
एक अनजान शहर मे आये -
बहुत दिन हो गये !
न मंज़िल का पता है और नहीं रास्ते की खबर,
फिर भी अंजानी राह पर चलते हुए -
बहुत दिन हो गये !
भीड़ तो बहुत देखी हमने इस जमाने मे ,
मगर इस भीड़ में कोई अपना दखे -
बहुत दिन हो गये !
जब मिलेगा कही वो हमे तो ,
पूछेंगे यार कहाँ थे तुमसे मिले -
बहुत दिन हो गये !
और जो करते थे साथ निभाने की बातें ,
उनसे बिछड़े " नाना " को बहुत दिन हो गये !!
>> एम. एल. मोदी (नाना)


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