लिखना शोक है मैरा......

 


लिखना शोक है मैरा, 

मुझे किसी तारुफ़ की जरूरत नहीं, 

फ़िर भी बता देता हूँ !

राष्ट्र कवि प्रदीप की जन्मभुमि-

बड़नगर जिला उज्जैन से हे ताल्लुक़ हमारा !

थोडा शर्मीला मिजाज है हमारा ,

जो लब्जो से न कह पाते हैं ,

वो कलम से कह जाते हैं !

"नाना बड़नगरी" तखख्लुस हे हमारा !!

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